सर्दियों के आते ही सिंघाड़ा मिलना शुरू हो जाता है। कई लोगों को ये खूब पसंद भी आता है। इसे अंग्रेजी में वाटर चेस्टनट कहा जाता है। सिंघाड़ा खाने में जितना स्वादिष्ट है उतना ही इसके फायदे हैं । सिंघाड़े में प्रोटीन 1.43 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट्स 15.7 ग्राम, फाइबर 5.7 ग्राम, शुगर 2.86 ग्राम होता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन सी, बी6 और मैग्नीशियम भी पाया जाता है।
दिल के मरीजों के लिए ये बहुत लाभकारी है। सिंघाड़ा का हाई फाइबर कंटेंट ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हार्ट प्रॉब्लम के रिस्क को कम करने में मदद करता है।
सिंघाड़ा पोटेशियम से भरपूर होता है, इसलिए यह सोडियम के इफेक्ट को कम करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है।
सांस संबंधी परेशानियों से राहत पाने के लिए सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद होता है। अस्थमा के मरीजों के लिए सिंघाड़ा बहुत लाभकारी होता है। सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से सांस संबधी समस्याओं से भी राहत मिलती है।
मेटाबॉलिज्म को स्ट्रोंग करने के लिए सिंघाड़ा का सेवन लाभकारी होता है। ये फल वजन को नियंत्रण में रखने में भी सहायक होता है।
बवासीर से जो लोग परेशान होते है उनके लिए भी सिंघाड़े का सेवन काफी लाभकारी होता है। ये इस मुश्किल समस्या से निजात दिलाने में कारगर होता है।
सिंघाड़े में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-कैंसर और एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज होती हैं जो कई खास तरह के कैंसर और फंगल इंफेक्शन से बचाती हैं।
सिंघाड़े में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से हड्डिडयां और दांत स्ट्रोंग होते है।
सिंघाड़े खाने के नुकसान
इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, इससे बदहजमी या दस्त होने की संभावना रहती हैं।
कुछ लोगों को सिंघाड़ा खाने से पेट दर्द, आंतों में सूजन और कब्ज जैसी समस्याओं की शिकायत होती हैं। इसलिए जिन लोगों को पहले से ये सारी समस्याएं हैं तो उन्हें सिंघाड़ा का सेवन नहीं करना चाहिए ।
अगर सिंघाड़ा थोड़ा भी खराब है, तो इसे फेंक दे क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता हैं।
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