आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) एक आम समस्या बन चुकी है। हालांकि इसका मुख्य कारण तनाव, मोटापा और अस्वास्थ्यकर खानपान माना जाता है, लेकिन हाल के अध्ययनों के अनुसार, विटामिन की कमी भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। यह जानकारी जाने-माने डाइटिशियन डॉ सरमील कुमार ने साझा की है।
विटामिन और रक्तचाप का संबंध
डॉ सरमील के अनुसार, कुछ खास विटामिन की कमी शरीर में उच्च रक्तचाप की समस्या को बढ़ावा दे सकती है। उदाहरण के लिए, विटामिन डी की कमी रक्तचाप को बढ़ा सकती है। विटामिन डी का मुख्य कार्य शरीर में कैल्शियम के संतुलन को बनाए रखना है, जो कि मांसपेशियों और हृदय के सही संचालन के लिए जरूरी है। जब शरीर में विटामिन डी की कमी होती है, तो रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
विटामिन बी की कमी
विटामिन बी6 और बी12 की कमी भी उच्च रक्तचाप का एक और प्रमुख कारण हो सकता है। विटामिन बी6 शरीर में सोडियम और पोटैशियम के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है और इसकी कमी से हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
मैग्नीशियम और पोटैशियम की भूमिका
डॉ सरमील के अनुसार, सिर्फ विटामिन ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज तत्व भी रक्तचाप को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पोटैशियम रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और सोडियम के नकारात्मक प्रभाव को संतुलित करता है, जबकि मैग्नीशियम मांसपेशियों की मरोड़ और रक्त वाहिकाओं की कठोरता को कम करता है।
उच्च रक्तचाप के जोखिम को कैसे कम करें
डॉ सरमील का सुझाव है कि संतुलित आहार और सही मात्रा में विटामिन का सेवन उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम कर सकता है। इसके लिए अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, फलों, मछली और दूध से बने उत्पादों का समावेश करना चाहिए। धूप में नियमित रूप से समय बिताने से शरीर में विटामिन डी की पूर्ति हो सकती है।
इसके अलावा, तनाव को कम करना, नियमित व्यायाम करना और धूम्रपान एवं शराब से बचना भी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है।
विटामिन की कमी को नजरअंदाज करना उच्च रक्तचाप और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। डॉ सरमील कुमार के अनुसार, नियमित रूप से विटामिन और खनिज तत्वों का सेवन करके और संतुलित आहार अपनाकर उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है। इसलिए समय पर अपने आहार पर ध्यान देना और स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
डॉ सरमील कुमार एक अनुभवी डाइटिशियन हैं, जिन्होंने हृदय स्वास्थ्य और पोषण पर कई शोध किए हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ आहार ही जीवन का आधार है और इसका प्रभाव लंबे समय तक हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है।
अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगे तो दूसरों को भी शेयर करना मत भूलना ..
Copyrights © of Dietitian Sarmil Kumar
SK Diet Clinic

